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फुकेत 2026: अब रूसी-चीनी नहीं, भारतीय और खाड़ी निवेशक बना रहे हैं बाज़ार

फुकेत 2026: अब रूसी-चीनी नहीं, भारतीय और खाड़ी निवेशक बना रहे हैं बाज़ार
Photo: Chevanon Photography / Pexels
संक्षेप में

फुकेत में तीन साल पहले रूसी-चीनी खरीदार हावी थे, अब भारत, मिडल ईस्ट और मध्य एशिया से नई पूँजी आ रही है। जानिए कीमतें, किराया यील्ड और कहाँ निवेश अभी भी फायदेमंद है।

अगर आप भारत से फुकेत में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो एक बात साफ समझ लीजिए: तीन साल पहले जो बाज़ार रूसी और चीनी खरीदारों के दम पर चलता था, वह अब पूरी तरह बदल चुका है। 2023 में नए कॉन्डोमिनियम देखने आने वालों में लगभग 70% रूस और चीन से थे। 2026 में तस्वीर अलग है, भारत, मिडल ईस्ट और मध्य एशिया से नई पूँजी आ रही है, और औसत डील साइज़ 2023 के मुकाबले 18-22% बढ़ चुका है। यह बदलाव Bangkok Post ने भी दस्तावेज़ी तौर पर दर्ज किया है, और जो निवेशक अभी रणनीति नहीं बदलेंगे, वे पीछे रह सकते हैं।

फुकेत आज भी थाईलैंड का सबसे बड़ा रिज़ॉर्ट प्रॉपर्टी मार्केट है, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट साइन करने वाला खरीदार अब पहले जैसा नहीं रहा। वह अपेक्षाकृत युवा है, छुट्टियों के लिए नहीं बल्कि किराये की आमदनी के लिए खरीद रहा है, और लाइफस्टाइल से ज़्यादा यील्ड पर ध्यान दे रहा है।

संख्याओं में बदलाव: किसका दबदबा घटा, किसका बढ़ा

  • भारतीय खरीदार: 2023 में फुकेत के विदेशी खरीदारों में हिस्सेदारी 4-5% थी, जो 2026 में बढ़कर अनुमानित 12-15% हो गई है
  • वेस्ट कोस्ट के नए प्रोजेक्ट्स में औसत कीमत अब 180,000-220,000 THB प्रति वर्ग मीटर (लगभग $5,100-$6,300) तक पहुँच चुकी है
  • रूसी खरीदार अभी भी टॉप-5 समूहों में हैं, पर उनकी हिस्सेदारी 25-30% से घटकर लगभग 15-18% रह गई है
  • चीनी खरीदारों ने सख्त पूँजी नियंत्रण और घरेलू आर्थिक सुस्ती के चलते हाथ खींच लिए हैं
  • नए खरीदार अब UAE, सऊदी अरब, कज़ाखस्तान और उज़्बेकिस्तान से आ रहे हैं, जो मिलाकर मांग का 8-10% हिस्सा बनाते हैं
  • प्रीमियम विला सेगमेंट (30 मिलियन THB और उससे ऊपर) में सालाना 25% की बिक्री वृद्धि दर्ज हो रही है

फुकेत में निवेश का आधार कितना मज़बूत है

  • 2025 में फुकेत ने 9.4 मिलियन विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 से 11% अधिक है (Tourism Authority of Thailand के आँकड़े) - यही पर्यटक प्रवाह किराया बाज़ार की रीढ़ है
  • विदेशी नागरिक थाईलैंड में कॉन्डोमिनियम फ्रीहोल्ड आधार पर खरीद सकते हैं, बशर्ते प्रति प्रोजेक्ट बिक्री योग्य क्षेत्र का 49% तक विदेशी स्वामित्व हो; विला आमतौर पर 30+30+30 साल की लीजहोल्ड व्यवस्था या थाई कंपनी स्ट्रक्चर के ज़रिए खरीदे जाते हैं
  • बांग ताओ और लगुना फुकेत में क्वालिटी कॉन्डो पर सालाना 6-8% नेट किराया यील्ड मिल रहा है, जबकि प्रीमियम विला 4-6% दे रहे हैं
  • चालोंग, नाई हार्न और रावाई में पिछले दो साल में कीमतें 30-40% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि उत्तर में माई खाओ और नाताई अभी भी 20-25% सस्ते हैं, यानी एंट्री पॉइंट कम है
  • भारतीय खरीदार आमतौर पर 4-8 मिलियन THB की स्टूडियो और वन-बेडरूम यूनिट पसंद करते हैं, जबकि मिडल ईस्ट के निवेशक 25 मिलियन THB से शुरू होने वाले विला की ओर झुकाव रखते हैं
  • वेस्ट कोस्ट पर ज़मीन लगभग खत्म हो चुकी है; स्थानीय डेवलपर्स के अनुमान के अनुसार बनाने लायक इन्वेंटरी सिर्फ 3-5 साल की बची है
  • थाई अधिकारी 2025-2026 के दौरान चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में फ्रीहोल्ड कोटा 75% तक बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं, हालाँकि अभी तक कोई कानून पारित नहीं हुआ है
  • Bangkok Post के अनुसार, फुकेत का लक्ज़री मार्केट 2026 तक मज़बूत बने रहने की उम्मीद है, जिसमें विला कॉन्डो से बेहतर प्रदर्शन करेंगे क्योंकि ब्रांडेड रेजिडेंस और इंटीग्रेटेड सुविधाएँ बांग ताओ, लायान, कमला और चेर्न्ग तालाय जैसे वेस्ट कोस्ट हॉटस्पॉट की ओर धनी विदेशी खरीदारों को खींच रही हैं

कहाँ निवेश करें: एरिया-वाइज नज़रिया

बांग ताओ और लगुना एक परिपक्व बाज़ार हैं, जहाँ लिक्विडिटी मज़बूत है और किराया प्रदर्शन स्थिर रहता है। उत्तर में माई खाओ और नाताई कम एंट्री कीमत और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ बढ़ने की गुंजाइश देते हैं। दक्षिण में रावाई और नाई हार्न यूरोपीय खरीदारों में लोकप्रिय बने हुए हैं, लेकिन वहाँ ओवरहीटिंग के संकेत पहले से दिखने लगे हैं।

क्या यह सिर्फ एक अस्थायी बदलाव है?

फुकेत के खरीदार प्रोफाइल में यह बदलाव कोई अस्थायी उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि एक टिकाऊ ट्रेंड है। निवेश प्रवाह का वैश्वीकरण, भारत और खाड़ी देशों में बढ़ता मध्यम वर्ग, और सिमटता हुआ लैंड बैंक, ये सभी कीमतों को ऊपर धकेल रहे हैं और बाज़ार को नया आकार दे रहे हैं। खासकर UAE से जुड़ी संपत्ति फुकेत के लक्ज़री सेगमेंट को पर्यटन चक्र से अलग कर रही है, जहाँ अति-धनी परिवार इस द्वीप को सीज़नल छुट्टी की जगह के बजाय एक सुरक्षित ठिकाने की तरह देख रहे हैं। जो निवेशक एंट्री की सोच रहे हैं, उन्हें अगले 6-12 महीनों के भीतर फैसला ले लेना चाहिए, जब तक कीमतों की यह विंडो खुली है।

Thailand Mein Property की टीम इस बदलते बाज़ार में सही प्रोजेक्ट और सही एरिया चुनने में आपकी मदद कर सकती है।

स्रोत: Bangkok Post

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फुकेत में अभी भारतीय खरीदारों की हिस्सेदारी कितनी है?

2023 में भारतीय खरीदार फुकेत के कुल विदेशी खरीदारों का सिर्फ 4-5% थे, जो 2026 में बढ़कर अनुमानित 12-15% हो गए हैं। ज़्यादातर भारतीय खरीदार 4-8 मिलियन THB के स्टूडियो या वन-बेडरूम यूनिट पसंद करते हैं।

फुकेत में कॉन्डो खरीदने पर विदेशी को कैसे मालिकाना हक मिलता है?

विदेशी नागरिक फ्रीहोल्ड आधार पर कॉन्डोमिनियम खरीद सकते हैं, लेकिन एक शर्त है: प्रति प्रोजेक्ट कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का अधिकतम 49% ही विदेशी स्वामित्व में हो सकता है। विला के लिए आमतौर पर 30+30+30 साल की लीजहोल्ड व्यवस्था या थाई कंपनी स्ट्रक्चर इस्तेमाल होता है।

फुकेत में कॉन्डो पर किराये से कितना रिटर्न मिल सकता है?

बांग ताओ और लगुना फुकेत जैसे इलाकों में क्वालिटी कॉन्डो पर पेशेवर मैनेजमेंट के साथ सालाना 6-8% नेट यील्ड मिल सकता है, जबकि प्रीमियम विला 4-6% के आसपास रहते हैं। नवंबर से अप्रैल तक पीक सीज़न होने से ऑक्युपेंसी और आमदनी दोनों बेहतर रहती हैं।

क्या फुकेत का प्रॉपर्टी मार्केट बबल की तरफ बढ़ रहा है?

अभी तक क्लासिक बबल के संकेत नहीं दिखते। कीमतों में बढ़ोतरी ज़मीन की कमी, बढ़ते पर्यटक आगमन (2025 में 9.4 मिलियन विदेशी पर्यटक) और एयरपोर्ट के नए टर्मिनल जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड जैसे ठोस कारणों से जुड़ी है। हालाँकि रावाई और नाई हार्न जैसे कुछ इलाकों में स्थानीय ओवरहीटिंग संभव है, इसलिए अलग-अलग लोकेशन में निवेश बाँटना समझदारी है।