अगर आप थाईलैंड में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे भारतीय खरीदार हैं और हाल ही में यह खबर पढ़ी है कि थाई परिवारों पर कर्ज कम हो रहा है, तो जरा रुकिए। यह आंकड़ा जितना अच्छा दिखता है, कहानी उतनी सीधी नहीं है। असल वजह है बैंकों का लोन देने में हाथ खींचना, न कि थाई लोगों की कमाई में बढ़ोतरी। और यही बात विदेशी खरीदारों के लिए एक दिलचस्प मौका खड़ा करती है।
असल में हो क्या रहा है?
बैंक ऑफ थाईलैंड के आंकड़ों के मुताबिक, हाउसहोल्ड डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 2021 के 90.8% के पीक से गिरकर 2026 की शुरुआत में 86% से नीचे आ चुका है। सुनने में यह सुधार लगता है, लेकिन असली वजह यह है कि थाई कमर्शियल बैंकों ने स्कोरिंग मॉडल सख्त कर दिए हैं और डाउन पेमेंट की शर्तें बढ़ा दी हैं। नतीजा यह है कि आम थाई खरीदार अब पहले जितनी आसानी से लोन नहीं ले पा रहे, और प्राइमरी मार्केट की एक बड़ी डिमांड चुपचाप गायब हो रही है।
द बिजनेस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड का हाउसिंग मार्केट लगातार चौथे साल गिरावट की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि कर्ज का दबाव और सख्त क्रेडिट नीति घरेलू मांग को लगातार ठंडा कर रहे हैं। जो निवेशक कैश में खरीदते हैं या विदेश से फाइनेंसिंग की व्यवस्था करते हैं, उनके लिए यही सुस्ती एक मौके की खिड़की खोल रही है, बशर्ते वे इन आंकड़ों के पीछे की मशीनरी को समझें।
संक्षेप में जानें
- हाउसहोल्ड डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 2021 के 90.8% के पीक से गिरकर 2026 की शुरुआत में 86% से नीचे आ गया है
- यह गिरावट बैंकों की सख्त लेंडिंग पॉलिसी की वजह से है, थाई परिवारों की आमदनी बढ़ने से नहीं
- थाईलैंड में नए मॉर्गेज लोन की मात्रा घटी है, जिससे घरेलू हाउसिंग डिमांड कमजोर हो रही है
- बैंक ऑफ थाईलैंड की पॉलिसी रेट फिलहाल 2.25% है, जबकि थाई कर्जदारों के लिए औसत मॉर्गेज दरें सालाना 5.5-7.5% के बीच हैं
- घरेलू मांग नरम पड़ने से कैश-रिच विदेशी खरीदारों की कॉन्डोमिनियम खरीद में मोलभाव करने की स्थिति मजबूत हो रही है
- बैंकॉक और फुकेत के डेवलपर्स बिक्री बनाए रखने के लिए डिस्काउंट और बोनस ऑफर बढ़ा रहे हैं, और सुस्ती की भरपाई के लिए विदेशी खरीदारों को सक्रिय रूप से लुभा रहे हैं
आंकड़े जो हर खरीदार को पता होने चाहिए
- बैंक ऑफ थाईलैंड के मॉनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार तीन तिमाहियों से हाउसहोल्ड डेट-टू-जीडीपी रेश्यो में गिरावट दर्ज हुई है
- 2024 की तुलना में मॉर्गेज एप्लिकेशन रिजेक्शन रेट में करीब 15-20% की बढ़ोतरी का अनुमान है
- दूसरे और तीसरे घर पर लोन-टू-वैल्यू (LTV) की सीमा अब भी सख्त है, जो अप्रेज्ड वैल्यू के 70-80% तक सीमित है
- एजेंसी फॉर रियल एस्टेट अफेयर्स (AREA) के अनुसार बैंकॉक में अनसोल्ड कॉन्डोमिनियम स्टॉक 65,000 यूनिट्स से ज्यादा हो चुका है
- बैंकॉक में नए कॉन्डोमिनियम की औसत कीमत इलाके के हिसाब से 120,000-180,000 थाई baht प्रति वर्ग मीटर के बीच है, जबकि विदेशी खरीदारों के लिए प्रीमियम डेवलपर प्रोजेक्ट्स की कीमत अक्सर 100,000 baht प्रति वर्ग मीटर से ऊपर जा रही है
- विदेशी नागरिक हर बिल्डिंग में 49% विदेशी स्वामित्व कोटे के तहत कॉन्डोमिनियम खरीद सकते हैं, और मांग विदेशी खरीदारों की तरफ शिफ्ट होने से लोकप्रिय प्रोजेक्ट्स में यह कोटा तेजी से भर रहा है
- डेवलपर्स की इंस्टॉलमेंट स्कीम अब पहले से लंबी हो गई हैं, कुछ प्रोजेक्ट्स 36 महीने तक ब्याज-मुक्त पेमेंट प्लान दे रहे हैं ताकि बिक्री में तेजी बनी रहे
- फुकेत थाईलैंड का सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर वाला प्रॉपर्टी मार्केट बन चुका है, जहां विदेशी खरीदार सेकंड होम, रेंटल इन्वेस्टमेंट और रिलोकेशन की मांग के जरिए देश की व्यापक सुस्ती को संतुलित कर रहे हैं
घटता कर्ज असल में मार्केट के लिए बुरी खबर क्यों है?
जब कर्ज इसलिए घटता है क्योंकि क्रेडिट पर पाबंदी लग गई है, न कि इसलिए कि लोगों की कमाई बढ़ गई है, तो यह उपभोक्ता मांग के सिकुड़ने का संकेत है। थाई परिवार अमीर नहीं हुए हैं, बस उन्हें कर्ज मिलना मुश्किल हो गया है। इसका सीधा असर रियल एस्टेट मार्केट में दिखता है, खासकर 3 मिलियन baht तक की मास-मार्केट सेगमेंट में लेनदेन घटने के रूप में।
क्या इससे कॉन्डोमिनियम की कीमतें विदेशी खरीदारों के लिए गिरेंगी?
सीधी कीमत गिरावट की उम्मीद न रखें। डेवलपर्स आमतौर पर छिपे हुए डिस्काउंट का रास्ता अपनाते हैं जैसे मुफ्त फर्नीचर पैकेज, गारंटीड रेंटल रिटर्न ट्रांसफर, और लंबी इंस्टॉलमेंट स्कीम। लिस्ट प्राइस से असली छूट प्रोजेक्ट और निर्माण के चरण के हिसाब से 5-12% तक पहुंच सकती है।
क्या भारतीय या किसी भी विदेशी को थाई बैंक से मॉर्गेज मिल सकता है?
तकनीकी रूप से हां, लेकिन व्यवहार में लगभग नामुमकिन। सिर्फ चंद बैंक जैसे UOB और ICBC थाईलैंड ही नॉन-रेजिडेंट की एप्लिकेशन पर विचार करते हैं, और शर्तें काफी सख्त हैं: 30-50% डाउन पेमेंट, 6-8% सालाना ब्याज दर, और थाईलैंड या अपने देश में आमदनी का पक्का प्रमाण। इसी वजह से ज्यादातर विदेशी खरीदार कैश में या अपने देश से फाइनेंसिंग जुटाकर ही खरीदारी करते हैं।
क्या बैंक ऑफ थाईलैंड की आगे रेट कटौती का इंतजार करना चाहिए?
बैंक ऑफ थाईलैंड फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए है। रेगुलेटर ने 2025 के अंत में पॉलिसी रेट घटाकर 2.25% कर दी, लेकिन आगे और कटौती महंगाई और baht की एक्सचेंज रेट पर निर्भर करेगी। भले ही रेट और घटे, बैंक लेंडिंग स्टैंडर्ड ढीले करने के लिए बाध्य नहीं हैं, इसलिए मॉर्गेज तक पहुंच पर इसका सीधा असर सीमित ही रहने की संभावना है।
बैंकॉक में कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
नए BTS और MRT मेट्रो लाइनों के किनारे बसे बाहरी इलाके, जहां डेवलपर्स ने थाई मिडल-क्लास खरीदारों को टारगेट करके बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे, सबसे ज्यादा दबाव में हैं, खासकर बांग ना, बांग सू, और रंगसित। वहीं सुखुमवित, सिलोम और सथोन जैसे सेंट्रल इलाके लगातार विदेशी मांग की वजह से ज्यादा मजबूत बने हुए हैं।
बैंकॉक और फुकेत के मार्केट में क्या फर्क है?
फुकेत काफी हद तक विदेशी खरीदारों पर टिका हुआ मार्केट है। प्रीमियम सेगमेंट में द्वीप पर होने वाले लेनदेन में नॉन-रेजिडेंट खरीदारों की हिस्सेदारी 40-60% तक पहुंचती है। इसका मतलब है कि थाई कर्जदारों के लिए सख्त लेंडिंग का असर फुकेत पर उतना सीधा नहीं पड़ता। यहां कीमतों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला फैक्टर है डॉलर और यूरो के मुकाबले baht की एक्सचेंज रेट, साथ ही टूरिज्म का प्रवाह।
सख्त क्रेडिट माहौल में खरीदारों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
डेवलपर की वित्तीय सेहत को ध्यान से जांचें। जैसे-जैसे बिक्री धीमी होती है, कमजोर कंपनियां निर्माण में देरी कर सकती हैं या क्वालिटी में कटौती कर सकती हैं। ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट मांगें और देखें कि कितने यूनिट्स पहले ही बिक चुके हैं। अगर निर्माण शुरू होने तक 50% से कम यूनिट्स ही बिके हैं, तो इसे जोखिम का बड़ा संकेत मानें।
क्या अभी रेंटल के लिए खरीदना फायदेमंद है?
बैंकॉक के कॉन्डोमिनियम पर नेट रेंटल यील्ड सालाना 4-6% के बीच रहती है, जबकि फुकेत के मैनेज्ड अपार्टमेंट सेगमेंट में यह 5-8% तक पहुंचती है। चूंकि डेवलपर्स अब बातचीत के लिए ज्यादा तैयार हैं और थाई खरीदारों से प्रतिस्पर्धा भी कम है, यही सही समय है कि विजिटिंग ट्रिप प्लान करें और प्रॉपर्टी को खुद जाकर देखें। थाईलैंड मीन प्रॉपर्टी जैसी टीम की मदद से यह प्रोसेस काफी आसान हो जाता है, खासकर अगर आप पहली बार फुकेत में निवेश कर रहे हों।
2026 की दूसरी छमाही में क्या उम्मीद रखें?
मार्केट अनुमानों के मुताबिक, साल के अंत तक बैंकॉक में नए प्रोजेक्ट लॉन्च में 10-15% की गिरावट आ सकती है। इससे नई सप्लाई सीमित होगी और मध्यम अवधि में कीमतों को सहारा मिलेगा। जिन निवेशकों का नजरिया 3-5 साल का है, उनके लिए मौजूदा हालात एक संतुलित जोखिम वाला एंट्री पॉइंट पेश करते हैं।
स्रोत: द बिजनेस टाइम्स
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