थाईलैंड में जमीन खरीदने का पुराना तरीका अब खतरे में क्यों है
अगर आपने या आपके किसी परिचित ने फुकेत या को समुई में थाई कंपनी के नाम पर विला या जमीन खरीदी है, तो यह खबर ध्यान से पढ़िए। थाई सरकार ने नॉमिनी शेयरहोल्डर के जरिए विदेशियों को जमीन का असली मालिक बनाए रखने वाली स्कीमों पर सख्ती शुरू कर दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नॉमिनी ओनरशिप के लक्षण दिखाने वाली नई कंपनी रजिस्ट्रेशन 561 से घटकर 141 रह गई हैं, यानी सीधे 75% की गिरावट। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों विदेशी खरीदारों के लिए संकेत है जिनकी संपत्ति आज भी ऐसी ही संरचनाओं पर टिकी है।
आंकड़े क्या बता रहे हैं
थाईलैंड के वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) का साफ कहना है कि 141 नई रजिस्ट्रेशन तो सिर्फ हिमशैल का सिरा हैं। यह आंकड़ा उन हजारों पुरानी नॉमिनी कंपनियों को शामिल नहीं करता जो आज भी सक्रिय हैं। यानी रुझान बिल्कुल स्पष्ट है, रेगुलेटर अब रजिस्ट्रेशन के स्तर पर ही नॉमिनी स्कीम पकड़ने में माहिर हो गए हैं और शुरुआत में ही ऐसे आवेदन रद्द कर रहे हैं।
DBD (Department of Business Development) के एक अलग डेटासेट के मुताबिक, 0.01-49.99% विदेशी हिस्सेदारी वाली कंपनियों की रजिस्ट्रेशन Q1 2026 में 51% और 1 से 31 मई 2026 के बीच 65% तक गिर गई। अनुमान है कि मध्य-2026 तक करीब 1,19,000 कंपनियां जोखिम की श्रेणी में आती हैं, यानी समस्या की जड़ें काफी गहरी हैं।
नया कानून क्या कहता है
इस पूरी सख्ती के पीछे ठोस नीति है। DBD ने Order No. 2/2026 जारी किया है, जो 1 अगस्त 2026 से प्रभावी है और खासतौर पर विदेशियों को नॉमिनी शेयरहोल्डर के जरिए थाई कंपनी पर नियंत्रण रखने से रोकने के लिए बनाया गया है। नए नियमों के तहत अब हर बदलाव पर, यानी सिर्फ कंपनी बनाते समय नहीं बल्कि हर बार शेयरहोल्डिंग में फेरबदल होने पर भी, निवेश की पूरी संरचना और पूंजी के स्रोत की विस्तृत जानकारी देनी होगी।
Foreign Business Act (1999) के अनुसार विदेशी नागरिक प्रतिबंधित गतिविधियों, जिसमें जमीन की मिल्कियत भी शामिल है, से जुड़ी थाई कंपनियों में 49% से ज्यादा शेयर नहीं रख सकते। नॉमिनी स्कीम इसी सीमा को कागज पर पूरा दिखाने के लिए बनाई जाती हैं, जबकि असल कंट्रोल विदेशी निवेशक के हाथ में ही रहता है।
फुकेत और को समुई में जोखिम कितना बड़ा है
बाजार के अनुमान बताते हैं कि फुकेत और को समुई के प्लॉट पर बनी 40-60% विला ऐसी कंपनियों के जरिए खरीदी गई हैं जिनमें नॉमिनी ओनरशिप के लक्षण मौजूद हैं। थाईलैंड की Department of Special Investigation (DSI) ने फुकेत, क्राबी और सुरत थानी जैसे रिसॉर्ट प्रांतों में जांच तेज कर दी है। थाई अदालतें पहले भी ऐसे मामलों में जमीन की जबरन बिक्री (forced sale) का आदेश दे चुकी हैं, जहां यह साबित हुआ कि थाई शेयरहोल्डर सिर्फ नाम के लिए थे और असली नियंत्रण किसी विदेशी के हाथ में था।
एक नॉमिनी कंपनी को बनाए रखने की सालाना लागत 50,000-1,50,000 थाई बात के बीच आती है, और इसके बावजूद कोई गारंटी नहीं कि आगे चलकर यह संरचना गैरकानूनी करार न दी जाए।
सजा और जुर्माना कितना गंभीर है
Foreign Business Act के तहत नॉमिनी स्ट्रक्चर इस्तेमाल करने पर 1,000,000 थाई बात तक जुर्माना और/या 3 साल तक की कैद हो सकती है। अदालत जमीन की जबरन बिक्री का आदेश भी दे सकती है, और इसमें थाई नॉमिनी शेयरहोल्डर पर भी आपराधिक जिम्मेदारी बनती है।
भारतीय खरीदारों के लिए कानूनी विकल्प क्या हैं
थाईलैंड में विदेशी सीधे जमीन के मालिक नहीं बन सकते (Land Code, Section 86)। लेकिन कुछ पूरी तरह वैध विकल्प मौजूद हैं:
- लॉन्ग-टर्म लीजहोल्ड: आमतौर पर 30 साल का अनुबंध, जिसे दो बार रिन्यू कर 30+30+30 साल तक बढ़ाया जा सकता है। जमीन थाई मालिक से लीज पर ली जाती है, जबकि उस पर बना घर विदेशी खरीदार के नाम रजिस्टर होता है।
- फ्रीहोल्ड कॉन्डोमिनियम: विदेशी कॉन्डो यूनिट पूरी तरह फ्रीहोल्ड में खरीद सकते हैं, बशर्ते बिल्डिंग में विदेशी कोटा कुल एरिया के 49% से ज्यादा न हो। पैसा विदेश से थाई बैंक के जरिए ट्रांसफर होना चाहिए और उसके लिए Foreign Exchange Transaction (FET) सर्टिफिकेट जरूरी है।
- यूजफ्रूट (Usufruct): यह जीवनभर के लिए उपयोग का अधिकार है, जिसे Land Department में रजिस्टर किया जाता है।
यह क्रैकडाउन कॉन्डो मार्केट को सीधे प्रभावित नहीं करता, क्योंकि विदेशियों के लिए फ्रीहोल्ड कॉन्डो पूरी तरह वैध बना रहेगा। बल्कि हो सकता है कि जो निवेशक पहले नॉमिनी कंपनी के जरिए विला खरीदते थे, वे अब सुरक्षित विकल्प के तौर पर कॉन्डो की ओर रुख करें।
अगर आपकी मौजूदा कंपनी नॉमिनी जैसी दिखती है तो क्या करें
DBD और DSI किसी भी मौजूदा कंपनी की जांच कभी भी शुरू कर सकते हैं, खासकर जब शेयरहोल्डर बदलें, संपत्ति बेची जाए, या किसी तीसरे पक्ष की शिकायत मिले। ऐसी स्थिति में कंपनी को लीजहोल्ड ढांचे में बदलना एक विकल्प हो सकता है, हालांकि यह हर मामले में उचित नहीं होता। इस प्रक्रिया में जमीन को किसी थाई व्यक्ति या संस्था को बेचना और फिर लीज एग्रीमेंट करना शामिल है, जिसकी लागत टैक्स और लीगल फीस मिलाकर 1,00,000-3,00,000 थाई बात के बीच आती है। इसके बदले आपराधिक जोखिम खत्म हो जाता है और मिल्कियत पारदर्शी बन जाती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि थाई बार एसोसिएशन से लाइसेंस प्राप्त वकील चुनें, जिसका किसी नॉमिनी स्कीम बेचने वाली फर्म से कोई संबंध न हो। शुरुआती परामर्श और ओनरशिप ऑडिट पर आमतौर पर 15,000-30,000 थाई बात का खर्च आता है। अगर आपकी संपत्ति फिलहाल प्रॉक्सी कंपनी के जरिए रखी हुई है, तो जांच का इंतजार करने के बजाय अभी लीगल ऑडिट कराना समझदारी है।
स्रोत: Thailand Business News
