फुकेत में 8-15 मिलियन बाट का बजट लेकर आने वाला खरीदार अब सिर्फ चौकोर मीटर नहीं खरीद रहा, बल्कि पूरा ऑपरेटिंग मॉडल खरीद रहा है, यह तय कर रहा है कि किराया कौन मैनेज करेगा, लो सीजन में ऑक्युपेंसी कैसी रहेगी, और इनकम का बंटवारा कैसे होगा। यही वजह है कि SET में लिस्टेड डेवलपर AssetWise का 38.18 अरब बाट का बैकलॉग (मार्च 2026 तक, तकरीबन 32.5 बाट प्रति डॉलर की दर से लगभग 1.17 अरब डॉलर) सिर्फ एक कंपनी के अकाउंट्स की खबर नहीं, बल्कि फुकेत में विदेशी पूंजी के रुझान का संकेत है।
AssetWise का बैकलॉग असल में क्या दिखाता है?
बैकलॉग यानी वे यूनिट्स जिनका सेल-परचेज़ कॉन्ट्रैक्ट साइन हो चुका है, डिपॉजिट आ चुका है, लेकिन लैंड डिपार्टमेंट में ट्रांसफर अभी नहीं हुआ। थाई अकाउंटिंग के तहत रेवेन्यू सिर्फ ट्रांसफर के समय बुक होता है, कॉन्ट्रैक्ट साइन होने पर नहीं। इसलिए H1 का 5.69 अरब बाट रेवेन्यू (पिछले साल की तुलना में 57% ज़्यादा) नई सेल्स से नहीं, बल्कि पुरानी बिकी यूनिट्स के हैंडओवर से आया है।
38.18 अरब बाट का बैकलॉग कंपनी के सालाना रेवेन्यू का लगभग तीन गुना है। मतलब आने वाले कई सालों का रेवेन्यू पहले से साइन हो चुका है। दूसरी छमाही में बड़े हिस्से के हैंडओवर बैंकॉक और फुकेत में होने हैं।
फुकेत की हिस्सेदारी क्यों अहम है?
ASW और Rhom Bho Property के संयुक्त पोर्टफोलियो, जो The Title ब्रांड के तहत आता है और जिसकी कीमत 47.4 अरब बाट है, उसमें फुकेत का हिस्सा ऑर्डर्स के 57% है। इससे 2028 तक के रेवेन्यू की स्पष्टता मिलती है। यह इशारा करता है कि बैंकॉक की डिमांड घरेलू मॉर्गेज और कॉरपोरेट लीज़िंग पर टिकी है, जबकि फुकेत की डिमांड विदेशी खरीदारों और टूरिज्म फ्लो पर निर्भर है, और यह फ्लो अभी मजबूत बना हुआ है।
रूस, कज़ाखस्तान या भारत से आने वाला खरीदार खुद निर्माण और ऑपरेशन पर नज़र नहीं रख सकता। ऐसे में लिस्टेड डेवलपर का ब्रांडेड प्रोजेक्ट असल में सार्वजनिक फाइनेंशियल डिस्क्लोज़र खरीदने जैसा है, न कि सिर्फ इंटीरियर डिज़ाइन पैकेज।
फुकेत में ब्रांडेड रेसिडेंस का प्रीमियम कितना और क्यों?
मार्केट एस्टिमेट के मुताबिक ब्रांडेड रेसिडेंस की कीमत, आसपास के अनब्रांडेड सप्लाई की तुलना में 20-35% ज़्यादा होती है। यह प्रीमियम मैनेजमेंट रिस्क को प्रोफेशनल ऑपरेटर पर शिफ्ट करने की कीमत है। 2025 में फुकेत में विला सेल्स 12.9% बढ़ी, और डिमांड खासतौर पर उन प्रोजेक्ट्स में केंद्रित रही जो मैनेजमेंट, सर्विस और मज़बूत लोकेशन देते हैं, मुख्यतः वेस्ट कोस्ट पर (बांग ताओ, लायान, कमला)।
लेकिन यह प्रीमियम रीसेल पर अच्छी तरह ट्रांसफर नहीं होता। शुरुआती खरीदार लॉबी और मैनेजमेंट कंपनी के लिए 20-35% अतिरिक्त देता है; पांच साल बाद दूसरा खरीदार सिर्फ प्रति वर्ग मीटर कीमत और पिछले साल की असल नेट यील्ड देखता है। ब्रोशर में 7-8% का वादा और असल में 4-5% नेट रिटर्न के बीच का यह गैप अक्सर वहीं दिखता है जहां ऑपरेटर कमीशन, यूटिलिटी, सिंकिंग फंड, टैक्स और मई-अक्टूबर के मानसून वेकेंसी के बाद हिसाब होता है।
भारतीय खरीदार के लिए कानूनी और पैसे भेजने के नियम
थाईलैंड में किसी भी कॉन्डोमिनियम बिल्डिंग के सेलेबल एरिया का सिर्फ 49% हिस्सा विदेशी फ्रीहोल्ड के तहत आ सकता है; बाकी 51% सिर्फ लीज़होल्ड (आमतौर पर 30 साल, रिन्यूअल ऑप्शन के साथ) पर मिलता है। पॉपुलर प्रोजेक्ट्स में 49% कोटा जल्दी भर जाता है, इसलिए डिपॉजिट देने से पहले बचा हुआ कोटा ज़रूर चेक करें।
पैसा भारत से विदेशी करेंसी में आना चाहिए और थाई बैंक के अंदर बाट में कन्वर्ट होना चाहिए। बैंक इसके बाद Foreign Exchange Transaction (FET) फॉर्म जारी करता है, जिसके बिना लैंड डिपार्टमेंट फ्रीहोल्ड ओनरशिप रजिस्टर नहीं करेगा।
क्या बैकलॉग प्रोजेक्ट पूरा होने की गारंटी है?
नहीं। थाईलैंड में कुछ देशों जैसा 'ब्लॉक्ड अकाउंट' सिस्टम नहीं है, जहां कंस्ट्रक्शन पूरा होने तक पैसा रोका जाए। कॉन्ट्रैक्ट पेमेंट सीधे डेवलपर के पास जाता है और चालू निर्माण को फंड करता है। असली सुरक्षा डेवलपर की फाइनेंशियल हालत, पहले पूरे किए प्रोजेक्ट्स का ट्रैक रिकॉर्ड, और सेल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों में है। साथ ही, फंड-ट्रांसफर अप्रूवल और फाइनल पेमेंट के स्टेज पर कुछ कॉन्ट्रैक्ट रुक भी जाते हैं, यानी बैकलॉग प्रॉफिट नहीं है।
एक और बात: बांग ताओ, लायान और कमला में एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं। आज का बैकलॉग जब पूरी बिल्डिंग बनकर तैयार होगा, तब इन्हीं इलाकों में टेनेंट्स के लिए कॉम्पिटिशन और तेज़ हो सकता है।
हमारी राय: किसे यह इनवेस्टमेंट सूट करता है?
अगर बजट 5-6 मिलियन बाट से कम है, तो ब्रांडेड फुकेत शायद आपके लिए नहीं है, इस प्राइस रेंज में ब्रांड प्रीमियम यील्ड को खा जाता है और आप सैकड़ों समान स्टूडियो से कॉम्पिटिशन में होंगे। इस बजट में BTS/MRT के पास बैंकॉक कॉन्डो देखना ज़्यादा समझदारी होगी, जहां टेनेंट पूरे साल रहते हैं, सिर्फ चार महीनों के लिए नहीं।
8 मिलियन बाट से ऊपर के बजट में लॉजिक बदल जाता है। यहां तीन बातें वेरिफाई करना ज़रूरी है: डेवलपर पब्लिकली लिस्टेड हो और बैकलॉग डिस्क्लोज़ करता हो, ऑपरेटर द्वीप पर पहले से रियल ऑक्युपेंसी आंकड़ों के साथ प्रॉपर्टी चला रहा हो, और लीज एग्रीमेंट 6% से ऊपर की 'गारंटीड यील्ड' का वादा न करे (ऐसे वादे अक्सर बढ़ी हुई एंट्री प्राइस से ऑफसेट होते हैं)। एक व्यावहारिक सुझाव: प्रोजेक्ट फरवरी में नहीं, जुलाई या सितंबर में देखें, लो सीजन ही बीच और सड़कों की असली हालत दिखाता है।
स्रोत: Dzen (hatamatata)
