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फुकेट में नॉमिनी कंपनियों पर शिकंजा: 2026 में 361 बिज़नेस जांच के दायरे में

फुकेट में नॉमिनी कंपनियों पर शिकंजा: 2026 में 361 बिज़नेस जांच के दायरे में
Photo: gokudo man'yūki / Pexels
संक्षेप में

फुकेट में 361 से ज़्यादा कंपनियां नॉमिनी ओनरशिप के शक में जांच के घेरे में हैं। भारतीय निवेशकों के लिए यह अपनी प्रॉपर्टी और बिज़नेस स्ट्रक्चर तुरंत जांचने का सही समय है।

सीधा जवाब पहले

अगर आप फुकेट में प्रॉपर्टी या बिज़नेस में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है: थाई अधिकारियों ने फुकेट में 361 से ज़्यादा कंपनियों की जांच शुरू कर दी है, जिन पर विदेशी मालिकों की तरफ से नॉमिनी (बेनामी) ढांचा इस्तेमाल करने या बिना सही लाइसेंस के काम करने का शक है। जो निवेशक अभी तक 'चलता है' वाले ग्रे-एरिया स्ट्रक्चर पर भरोसा करके बैठे थे, उनके लिए यह साफ इशारा है कि अब कानूनी तरीके से मालिकाना हक दुरुस्त करने का वक्त आ गया है।

यह पूरा मामला चाबाद हाउस (Chabad House) के पास हुई एक चर्चित घटना के बाद सामने आया, जिसके बाद प्रांतीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर ऑडिट शुरू किया। पुलिस, इमिग्रेशन और डिपार्टमेंट ऑफ बिज़नेस डेवलपमेंट (DBD) पहली बार फुकेट में एक साथ मिलकर, एक कोऑर्डिनेटेड फॉर्मेट में यह जांच चला रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ।

आखिर मामला क्या है? नॉमिनी सिस्टम को समझिए

थाईलैंड का फॉरेन बिज़नेस एक्ट (Foreign Business Act B.E. 2542, यानी 1999) विदेशियों के लिए ज़मीन की मालिकाना हक और कुछ खास बिज़नेस कैटेगरी में नियंत्रण को सीमित करता है। दशकों से निवेशक इससे बचने के लिए 'नॉमिनी' का सहारा लेते आए हैं, यानी ऐसे थाई नागरिक जो कागज़ों पर शेयर अपने नाम रखते हैं लेकिन असल कंट्रोल और पैसा विदेशी निवेशक का होता है।

प्रशासन को इन व्यवस्थाओं की जानकारी लंबे समय से थी, लेकिन कार्रवाई चुनिंदा और ढीली-ढाली होती थी। अब यह बदल चुका है। एनफोर्समेंट अब व्यवस्थित, समन्वित और सार्वजनिक हो गया है, यानी छिपकर बच निकलना अब आसान नहीं रहा।

कितना बड़ा है यह ऑपरेशन?

The Phuket News की रिपोर्ट के मुताबिक, फुकेट, क्राबी और फांग-न्गा में चल रही इससे जुड़ी कार्रवाई में अब तक 59 गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और 48 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 27 थाई नागरिक और इज़राइल, फ्रांस, पोलैंड, स्विट्ज़रलैंड, साउथ अफ्रीका, यूके और नीदरलैंड्स जैसे देशों के 21 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

जांचकर्ताओं ने तीनों प्रांतों में 89 ज़मीन के प्लॉट्स चिह्नित किए हैं, जिनकी कुल कीमत 1.05 अरब baht से ज़्यादा है। इसमें से करीब 231 मिलियन baht सिर्फ फुकेट में केंद्रित हैं। The Nation Thailand के अनुसार, व्यापक क्षेत्रीय ऑपरेशन में अब तक 76 कंपनियों और 89 ज़मीन प्लॉट्स की जांच हो चुकी है।

जुर्माना और सज़ा कितनी सख्त है?

जो लोग नॉमिनी स्ट्रक्चर में फंसे पाए जाते हैं, उनके लिए कानून सख्त है:

  • फॉरेन बिज़नेस एक्ट के तहत विदेशी उल्लंघनकर्ताओं को 1 मिलियन baht तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल हो सकती है
  • थाई नॉमिनी शेयरहोल्डर्स पर भी बराबर की जिम्मेदारी है, यानी उन्हें भी 1 मिलियन baht तक जुर्माना और/या जेल हो सकती है
  • कंपनी को ज़बरदस्ती बंद (liquidate) कराया जा सकता है, और विदेशी व्यक्ति को देश से निर्वासन (deportation) और भविष्य में एंट्री बैन का सामना करना पड़ सकता है

कानून के मुताबिक तथ्य, जो हर निवेशक को पता होने चाहिए

  • फॉरेन बिज़नेस एक्ट B.E. 2542 (1999) ही वह मुख्य कानून है जो विदेशियों की बिज़नेस में भागीदारी को सीमित करता है, और इसमें ट्रेड व कुछ सर्विसेज़ सहित दर्जनों प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची है
  • DBD के मुताबिक 2025 में फुकेट में विदेशी पूंजी वाली 12,000 से ज़्यादा कंपनियां दर्ज थीं, और मार्केट अनुमान बताते हैं कि इनमें से 15-25% में समस्याग्रस्त स्ट्रक्चर हो सकते हैं
  • थाईलैंड का लैंड कोड एक्ट विदेशियों को सीधे ज़मीन खरीदने से रोकता है, सिवाय इसके कि BOI-अप्रूव्ड निवेश 40 मिलियन baht या उससे ज़्यादा का हो, जिसमें 1 rai (1,600 वर्ग मीटर) तक रेजिडेंशियल ज़मीन खरीदने का अधिकार मिलता है
  • विदेशियों के लिए अधिकतम लीज़होल्ड अवधि 30 साल है, जो रिन्यूएबल है और लैंड डिपार्टमेंट में रजिस्टर होती है
  • किसी भी कॉन्डोमिनियम प्रोजेक्ट में विदेशी कुल फ्लोर एरिया का 49% तक फ्रीहोल्ड टाइटल के तहत मालिक बन सकते हैं

क्या यह सिर्फ फुकेट तक सीमित रहेगा?

मार्केट ऑब्ज़र्वर्स फुकेट को एक 'पायलट रीजन' मान रहे हैं। इसी तरह के ऑपरेशन पहले ही क्राबी और फांग-न्गा तक फैल चुके हैं, और आगे चलकर को समुई, पटाया और चियांग माई में भी ऐसी ही कार्रवाई की उम्मीद है, क्योंकि वहां भी विदेशी बिज़नेस की मौजूदगी काफी ज़्यादा है।

क्या इसका असर फुकेट की प्रॉपर्टी कीमतों पर पड़ेगा?

थोड़े समय के लिए, जोखिम भरे स्ट्रक्चर से बाहर निकलने वाले सेलर्स की वजह से मार्केट में ज़्यादा लिस्टिंग्स आ सकती हैं, जो कानूनी तरीके से खरीदारी करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी खरीदारों के लिए मौके बना सकता है। मध्यम अवधि में, सख्त एनफोर्समेंट से मार्केट की पारदर्शिता बेहतर होती है, और आमतौर पर पूरी तरह कानून-अनुपालक सेगमेंट की कीमतों को सपोर्ट मिलता है।

भारतीय निवेशकों के लिए असली सवाल: अब क्या करें?

अगर आपकी कंपनी पहले से नॉमिनी स्ट्रक्चर के ज़रिए बनी है, तो देर न करें। किसी लाइसेंस्ड थाई वकील से तुरंत संपर्क करें। विकल्पों में शामिल है: जहां गतिविधि अनुमति देती है वहां फॉरेन बिज़नेस लाइसेंस के लिए आवेदन करना, किसी असली थाई पार्टनर के साथ पुनर्गठन करना, अपना हिस्सा बेच देना, या कंपनी को बंद करना। जितनी देर करेंगे, कानूनी जोखिम उतना ही बढ़ता जाएगा।

2026 में फुकेट में सुरक्षित निवेश के तीन साबित तरीके हैं:

  • 49% कोटा के भीतर फ्रीहोल्ड कॉन्डोमिनियम यूनिट खरीदना
  • ज़मीन और विला पर 30 साल का लीज़होल्ड सुरक्षित करना
  • BOI प्रोग्राम के ज़रिए न्यूनतम 40 मिलियन baht के निवेश के साथ भाग लेना

इनमें से किसी भी रास्ते पर आगे बढ़ने से पहले कानूनी ड्यू डिलिजेंस ज़रूरी है। Thailand Mein Property पर हम अपने पाठकों को यही सलाह देते हैं कि किसी भी कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत करने से पहले स्वतंत्र लीगल जांच करवाएं।

निवेशकों के लिए निष्कर्ष साफ है: फुकेट में ग्रे-एरिया ओनरशिप स्ट्रक्चर का दौर अब खत्म हो रहा है। 2026 की यह एनफोर्समेंट लहर कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि व्यवस्थित सख्ती की शुरुआत है। जो निवेशक अभी अपना ओनरशिप स्ट्रक्चर ठीक कर लेते हैं, वे अपनी संपत्ति सुरक्षित रखते हैं। जो इंतज़ार करते हैं, वे बिज़नेस और निवेश दोनों गंवाने का जोखिम उठाते हैं।

स्रोत: The Phuket News

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या फुकेट में कॉन्डो खरीदने वालों पर भी यह जांच लागू होती है?

नहीं, अगर यूनिट सीधे किसी विदेशी व्यक्ति के नाम पर 49% फ्रीहोल्ड कोटा के भीतर रजिस्टर्ड है, तो यह जांच लागू नहीं होती। यह जांच उन कंपनियों को निशाना बनाती है जो ज़मीन मालिकाना और बिज़नेस प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाई गई थीं, न कि व्यक्तिगत कॉन्डो खरीदारों को।

क्या भारतीय नागरिक फुकेट में विला की ज़मीन खरीद सकते हैं?

विदेशी नागरिक (भारतीय समेत) विला के नीचे की ज़मीन के मालिक नहीं बन सकते, लेकिन इमारत के मालिक बन सकते हैं। सबसे आम कानूनी तरीका है 30 साल का लीज़होल्ड, जो रिन्यूएबल है और लैंड ऑफिस में रजिस्टर होता है, साथ ही इमारत का फ्रीहोल्ड मालिकाना हक।

अगर मेरी कंपनी पहले से नॉमिनी स्ट्रक्चर पर बनी है तो क्या करूं?

तुरंत किसी लाइसेंस्ड थाई वकील से संपर्क करें। विकल्पों में फॉरेन बिज़नेस लाइसेंस के लिए आवेदन, असली थाई पार्टनर के साथ पुनर्गठन, हिस्सा बेचना, या कंपनी को बंद करना शामिल है। देरी करने से कानूनी जोखिम और बढ़ता है, क्योंकि उल्लंघन पर 1 मिलियन baht तक जुर्माना और 3 साल तक की सज़ा हो सकती है।

क्या यह जांच अभियान फुकेट के बाहर भी फैलेगा?

मार्केट ऑब्ज़र्वर्स के अनुसार फुकेट इस समय एक पायलट क्षेत्र है। इसी तरह की कार्रवाई पहले ही क्राबी और फांग-न्गा तक पहुंच चुकी है, और को समुई, पटाया व चियांग माई जैसे विदेशी-निवेश-बहुल इलाकों में भी आगे ऐसी जांच की संभावना है।