थाईलैंड जाकर प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो एक आंकड़ा आपको जरूर रोक कर सोचने पर मजबूर करेगा: वहाँ हर दस घरों में से एक घर में कोई नहीं रहता। Thailand Business News की रिपोर्ट के मुताबिक, 1.64 मिलियन रेजिडेंशियल यूनिट्स पूरी तरह खाली हैं, और इन बंद पड़े घरों की कुल कीमत 3.45 ट्रिलियन बाहत (करीब 96 अरब डॉलर) तक पहुँचती है, यह रकम श्रीलंका की सालाना GDP के बराबर है।
सीधा और स्पष्ट जवाब
थाईलैंड में यह खाली घरों का संकट पूरे देश में एक जैसा नहीं है। बैंकॉक के बाहरी इलाकों और मध्य थाईलैंड के औद्योगिक प्रांतों में मास-मार्केट कॉन्डो का बाजार असल में गरम हो चुका है (ओवरहीटेड), जबकि फुकेत और समुई जैसे रिज़ॉर्ट मार्केट विदेशी खरीदारों की लगातार मांग और सीमित जमीन की वजह से इस समस्या से काफी हद तक अलग बचे हुए हैं। भारतीय और अन्य विदेशी निवेशकों के लिए सीधी सलाह यह है: सट्टेबाजी वाली प्राइस अपरिशिएशन के पीछे मत भागिए, बल्कि साबित हो चुकी रेंटल यील्ड को प्राथमिकता दें।
असली आंकड़े क्या कहते हैं
- थाईलैंड के कुल लगभग 17 मिलियन प्रॉपर्टी स्टॉक में से 1.64 मिलियन यूनिट्स खाली हैं। वेकेंसी रेट 9% से ऊपर है, जबकि ज्यादातर इंटरनैशनल एनालिस्ट 5 से 7% को ही खतरे की सीमा मानते हैं।
- सबसे ज्यादा असर बैंकॉक और उसके आसपास के सबर्ब में है। अनुमान है कि खाली पड़े कॉन्डो में से 40% तक मास-मार्केट प्रोजेक्ट्स (स्टूडियो और 1-बेडरूम, कीमत 3 मिलियन बाहत से कम) में हैं, जो कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर वाले इलाकों में बने हैं।
- ओवरप्रोडक्शन की जड़: थाई डेवलपर्स लंबे समय से कंस्ट्रक्शन शुरू होने से पहले ही ऑफ-प्लान सेल्स के भरोसे प्रोजेक्ट बनाते रहे हैं। सट्टेबाज खरीदार सिर्फ 10-20% डिपॉज़िट देकर यूनिट फ्लिप करने की उम्मीद रखते हैं। जब मार्केट धीमा पड़ता है, तो ये यूनिट्स न बिकती हैं, न किराए पर जाती हैं।
- टैक्स की कमी: थाईलैंड में खाली प्रॉपर्टी पर कोई असरदार टैक्स नहीं है। 2020 में लाया गया Land and Building Tax सिर्फ 0.02-0.3% असेस्ड वैल्यू पर लगता है, जो मालिकों को बेचने या किराए पर देने के लिए दबाव बनाने के लिए बहुत कम है।
- फॉरेन कोटा का असमान उपयोग: फुकेत और सेंट्रल बैंकॉक के टॉप-टियर प्रोजेक्ट्स में 49% फॉरेन ओनरशिप कोटा पूरी तरह बिक चुका है, जबकि सबर्बन कॉन्डो में यह सिर्फ 5-15% तक ही भरा है।
- सरकार की तरफ से जवाब अभी अटका है: अधिकारी ओवरसप्लाई वाले जोन में नए कंस्ट्रक्शन परमिट पर पाबंदी और मल्टीपल प्रॉपर्टी मालिकों पर प्रोग्रेसिव टैक्स लगाने पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस बिल पास नहीं हुआ है।
- बैंकॉक के सबर्बन मास-मार्केट कॉन्डो में औसत ग्रॉस रेंटल यील्ड घटकर सालाना 3-4% रह गई है, जबकि फुकेत के विला और कॉन्डो शॉर्ट-टर्म रेंटल के जरिए लगातार 6-8% यील्ड दे रहे हैं।
यह हालात कैसे बने?
थाईलैंड का प्रॉपर्टी मॉडल दशकों से इसी तरह चला है: डेवलपर बनाते हैं, सट्टेबाज फ्लिप करते हैं, और आखिर में असली खरीदार आता है। बूम के सालों में इस मॉडल से सभी को फायदा हुआ। लेकिन 2022 के बाद से मास सेगमेंट में कीमतों की ग्रोथ धीमी पड़ गई, थाई मिडल क्लास की खरीद क्षमता कमजोर हुई, और मॉर्गेज रेट बढ़ गए। नतीजा: ऐसे बंद यूनिट्स के गोदाम बन गए, जिन्हें कोई खरीदना या किराए पर लेना नहीं चाहता।
यह समस्या हर जगह एक जैसी नहीं है। Better-than-Freehold की रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड की सबसे बड़ी डिस्ट्रेस्ड-एसेट मैनेजर, BAM, ने पुष्टि की है कि मार्केट अभी तली तक नहीं पहुँचा है। इसमें बताया गया है कि करीब 7,00,000 अनबिके यूनिट्स मौजूद हैं, जबकि असली खरीद क्षमता रखने वाले घरों की संख्या 1,00,000 से भी कम है, यानी लगभग सात गुना ओवरसप्लाई। यही असंतुलन डिस्काउंट का मौका बनाता है, लेकिन सिर्फ उन खरीदारों के लिए जो नॉमिनी अरेंजमेंट पर थाईलैंड के कड़े नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए ओनरशिप स्ट्रक्चर चुनते हैं।
फुकेत, समुई और पटाया का रिज़ॉर्ट मार्केट पूरी तरह अलग नियमों पर चलता है। यहाँ मांग विदेशी खरीदारों और टूरिस्ट अराइवल्स से आती है, जो 2025 में 3.6 करोड़ (36 मिलियन) से ऊपर पहुँच गई। द्वीपों पर जमीन सीमित है, और सख्त पर्यावरण नियमों की वजह से नया कंस्ट्रक्शन भी सीमित रहता है। फुकेत के लग्ज़री विला सेगमेंट में विदेशी खरीदार अभी भी हावी हैं, समुई और फांगन में विदेशी खरीदारों की सक्रियता खासतौर पर ज्यादा है, और अमीर इंटरनैशनल खरीदार जो लाइफस्टाइल, भरोसेमंद डेवलपर और रेंटल इनकम को प्राथमिकता देते हैं, उनके बीच विला अब कॉन्डो से बेहतर परफॉर्म कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए मुख्य सलाह
बैंकॉक के सबर्बन मास-मार्केट कॉन्डो सेगमेंट से दूर रहें। इसके बजाय ऐसी प्रॉपर्टी पर फोकस करें जिसकी रेंटल यील्ड साबित तौर पर 6% से ऊपर हो, जैसे रिज़ॉर्ट एरिया या सेंट्रल बैंकॉक के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स। कोई भी कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले फॉरेन कोटा की स्थिति और असली रेंटल परफॉर्मेंस डेटा जरूर जांच लें। Thailand Mein Property पर हमारी टीम इस तरह की वेरिफिकेशन में मदद कर सकती है, ताकि आपकी पूंजी गलत प्रोजेक्ट में लॉक न हो।
स्रोत: Bangkok Post
