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जब वियतनाम-मलेशिया में IPO की बारिश हो रही हो, तो थाईलैंड में प्रॉपर्टी क्यों खरीदें?

जब वियतनाम-मलेशिया में IPO की बारिश हो रही हो, तो थाईलैंड में प्रॉपर्टी क्यों खरीदें?
Photo: Jonathan Borba / Pexels
संक्षेप में

2026 की पहली छमाही में साउथईस्ट एशिया में रियल एस्टेट IPO के जरिए करीब 3 अरब डॉलर जुटाए गए, जिसमें ज्यादातर हिस्सा वियतनाम और मलेशिया के पास गया, थाईलैंड इस दौड़ में पीछे रहा। भारतीय खरीदारों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि संस्थागत निवेशकों की भीड़ कम होने से फुकेत और बैंकॉक में कॉन्डो खरीदना अब पहले से आसान और सस्ता है।

अगर आप यह सर्च कर रहे हैं कि 'वियतनाम और मलेशिया में इतना पैसा जा रहा है तो थाईलैंड में प्रॉपर्टी लेना सही है या नहीं', तो सीधा जवाब यह है: हां, बिल्कुल सही समय है। 2026 की पहली छमाही में साउथईस्ट एशिया के रियल एस्टेट IPO ने करीब 3 अरब डॉलर जुटाए, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा वियतनाम और मलेशिया की कंपनियों के पास गया, थाईलैंड इस लिस्ट में कहीं नजर नहीं आया। इसका मतलब यह नहीं कि थाईलैंड का बाजार कमजोर हो गया है, बल्कि इसका सीधा फायदा उन भारतीय निवेशकों को मिल रहा है जो संस्थागत फंड्स से बिना मुकाबले किए सीधे कॉन्डो या विला में पैसा लगाना चाहते हैं।

आखिर पैसा वियतनाम-मलेशिया की तरफ क्यों मुड़ा?

निक्केई एशिया के मुताबिक, इस दौर में UI Boustead REIT (मलेशिया), Sunway Healthcare और Dien May Xanh (वियतनाम) जैसी कंपनियां सबसे बड़ी लिस्टिंग रहीं। वियतनाम की अर्थव्यवस्था पिछले तीन सालों से लगातार 6-7% सालाना की रफ्तार से बढ़ रही है, और वहां शहरीकरण तथा घरेलू खपत में तेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया। दूसरी तरफ, थाईलैंड का बाजार पहले से ही परिपक्व है, बड़े खिलाड़ी काफी पहले लिस्ट हो चुके हैं, इसलिए नई बड़ी लिस्टिंग की गुंजाइश सीमित है।

एक और बड़ी वजह है थाई बाहत की मजबूती। साल की शुरुआत से बाहत डॉलर के मुकाबले 3-4% मजबूत हुआ है, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए थाई एसेट थोड़े महंगे लगते हैं, और यही एक वजह है कि पैसा कमजोर करेंसी वाले बाजारों की तरफ खिसक रहा है।

थाईलैंड का असली दम कहां है?

यह भूलना नहीं चाहिए कि थाईलैंड स्टॉक एक्सचेंज (SET) आज भी आसियान का सबसे बड़ा REIT प्लेटफॉर्म है, जहां 40 से ज्यादा प्रॉपर्टी फंड लिस्टेड हैं और इनका कुल मार्केट कैप 15 अरब डॉलर से ज्यादा है। बस 2026 की पहली छमाही में यहां कोई बड़ी नई लिस्टिंग नहीं आई। इसका एक असर यह भी हुआ है कि थाई REIT फिलहाल अपने NAV (नेट एसेट वैल्यू) से डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे सीधे फिजिकल प्रॉपर्टी में निवेश करना कहीं ज्यादा आकर्षक विकल्प बन गया है।

रेंटल यील्ड की बात करें तो बैंकॉक में औसतन 4-6% सालाना और फुकेत में 6-8% सालाना रिटर्न मिल रहा है, जो तुलनीय मलेशियाई और वियतनामी एसेट्स से बेहतर है। कानूनी ढांचा भी साफ है: थाई कानून के तहत विदेशी नागरिक किसी कॉन्डोमिनियम बिल्डिंग के कुल फ्लोर एरिया का 49% तक फ्रीहोल्ड टाइटल पर मालिकाना हक ले सकते हैं, जो पूरे क्षेत्र में सबसे पारदर्शी नियमों में से एक माना जाता है।

डेवलपर्स फुकेत पर इतना भरोसा क्यों कर रहे हैं?

IPO की सुस्ती के बावजूद बड़े थाई डेवलपर्स फुकेत पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। Origin Property ने 2026-2028 के लिए फुकेत में 3 अरब बाहत का निवेश तय किया है, और होटल-कॉन्डो से रेवेन्यू की पहचान Q4 2026 से शुरू होगी। वहीं Sansiri अगले चार सालों में फुकेत में 40 अरब बाहत के नए प्रोजेक्ट लाने की योजना बना रहा है, यानी पिछले 15 सालों में हुए पूरे डेवलपमेंट के बराबर काम सिर्फ चार साल में करने का लक्ष्य।

गौर करने वाली बात यह है कि फुकेत में अब करीब 75% कॉन्डो खरीदार विदेशी हैं, और बांग ताओ में बन रहा 408-यूनिट का Peylaa Phuket जैसे प्रोजेक्ट खासतौर पर इसी अंतरराष्ट्रीय मांग को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं।

भारतीय खरीदार के लिए इसका क्या मतलब है?

सीधी भाषा में कहें तो, जब बड़े संस्थागत फंड वियतनाम और मलेशिया की तरफ भाग रहे हैं, तो थाईलैंड में मुकाबला कम हो जाता है, यानी डेवलपर्स के साथ बातचीत की गुंजाइश ज्यादा और एंट्री बैरियर कम। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही में थाईलैंड हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई लिस्टिंग ला सकता है, और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए इन्वेस्टर वीजा जैसी नई सुविधाएं भी ला सकता है।

थाईलैंड मीन प्रॉपर्टी में हम मानते हैं कि यही वह मौका है जब निजी निवेशक बिना बड़े फंड्स से टकराए बाजार में एंट्री ले सकते हैं, फुकेत के ऊंचे रेंटल यील्ड और पारदर्शी कानून के साथ।

स्रोत: निक्केई एशिया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या थाईलैंड में प्रॉपर्टी की कीमतें अब सस्ती हो जाएंगी क्योंकि IPO का पैसा वियतनाम-मलेशिया जा रहा है?

सीधा असर कीमतों पर नहीं पड़ता, लेकिन संस्थागत निवेशकों की भीड़ कम होने से डेवलपर्स के साथ बातचीत की गुंजाइश बढ़ जाती है और मार्केट में ज्यादा विकल्प मिलते हैं, जिससे निजी खरीदारों को थोड़ा फायदा मिल सकता है।

फुकेत में कॉन्डो खरीदने पर कितना रेंटल यील्ड मिल सकता है?

फुकेत में औसत रेंटल यील्ड सालाना **6-8%** है, जबकि बैंकॉक में यह **4-6%** के आसपास रहता है, जो साउथईस्ट एशिया के तुलनीय बाजारों से बेहतर माना जाता है। हालांकि यह प्रोजेक्ट, लोकेशन और मैनेजमेंट पर निर्भर करता है।

थाईलैंड में विदेशी लोग कितनी प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं?

थाई कानून के तहत विदेशी नागरिक किसी कॉन्डोमिनियम बिल्डिंग के कुल फ्लोर एरिया का **49%** तक फ्रीहोल्ड टाइटल पर खरीद सकते हैं। यह क्षेत्र के सबसे पारदर्शी और स्पष्ट स्वामित्व कानूनों में से एक है।

क्या थाई REIT में सीधे निवेश करना बेहतर है या कॉन्डो खरीदना?

तकनीकी रूप से SET एक्सेस वाले इंटरनेशनल ब्रोकर के जरिए REIT में निवेश संभव है, और एंट्री कुछ हजार बाहत से शुरू हो जाती है। लेकिन ज्यादातर खरीदारों के लिए सीधे कॉन्डोमिनियम खरीदना ज्यादा आसान, पारदर्शी और समझने में सरल रहता है।